विस्तृत उत्तर
पुरश्चरण और दशांश कर्मों के अंत में, पूर्ण सिद्धि फल प्राप्त करने के लिए ब्राह्मणों या गुरु के निर्देशानुसार कन्याओं को विधिवत भोजन कराना चाहिए।
साधना के अंत में सिद्धि की पूर्णता के लिए ब्राह्मण या कन्या भोज कराना चाहिए।
पुरश्चरण और दशांश कर्मों के अंत में, पूर्ण सिद्धि फल प्राप्त करने के लिए ब्राह्मणों या गुरु के निर्देशानुसार कन्याओं को विधिवत भोजन कराना चाहिए।
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