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ब्राह्मण प्रश्नोत्तरी — 23 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित ब्राह्मण विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 23 प्रश्न

रुद्राभिषेक

महारुद्र और अतिरुद्र अभिषेक में कितने पंडित चाहिए?

महारुद्र: 1,331 पाठ, न्यूनतम 11 पंडित, 11 दिन — भाग्योदय। अतिरुद्र: 14,641 पाठ, न्यूनतम 121 पंडित, 11 दिन — सर्वपाप नाश, सर्वोच्च अनुष्ठान। अतिरुद्र अत्यंत दुर्लभ और खर्चीला। सामान्य भक्तों के लिए रुद्राभिषेक/लघुरुद्र पर्याप्त।

महारुद्रअतिरुद्रपंडित
स्तोत्र फल

विष्णु स्तोत्र सुनाने से क्या फल मिलता है?

विष्णु स्तोत्र को वेदपारगामी ब्राह्मणों को सुनाने वाला भी पापकर्म में लिप्त होने पर ब्रह्मलोक प्राप्त करता है।

विष्णु स्तोत्रसुनानाब्राह्मण
धर्म और आचार

द्विजाति किसे कहा गया है?

ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य सामान्य और विशेष पदार्थों से सम्बन्धविशेष के कारण द्विजाति कहे गए हैं।

द्विजातिब्राह्मणक्षत्रिय
शिष्य परम्परा

शिष्य-परम्परा से माहेश्वर ज्ञान कैसे फैला?

यह ज्ञान शिष्य-परम्परा से ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य लोगों को शिवकृपा से प्राप्त हुआ।

शिष्य परम्परामाहेश्वर ज्ञानब्राह्मण
श्रीमद्भागवत

परशुराम अवतार क्यों हुआ?

परशुराम अवतार तब हुआ जब राजाओं को ब्राह्मणों का द्रोही देखकर भगवान ने क्रोध में पृथ्वी को इक्कीस बार क्षत्रिय-विहीन किया।

परशुराम अवतारक्षत्रियब्राह्मण
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह के बाद दान किसे दें?

समाप्ति पर ब्राह्मणों और याचकों को धन-अन्न दें; सामर्थ्य हो तो हवन सामग्री, गौ-सुवर्ण और भागवत पुस्तक आचार्य को दें।

दानभागवत सप्ताहब्राह्मण
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में जप कौन करे?

कथा में विघ्न न हो, इसके लिये पाँच ब्राह्मणों का वरण कर उनसे द्वादशाक्षर मंत्र द्वारा हरि-नाम जप कराने को कहा गया है।

जपद्वादशाक्षर मंत्रभागवत सप्ताह
श्रीमद्भागवत

आत्मदेव ब्राह्मण कौन थे?

आत्मदेव तुंगभद्रा तट के नगर में रहने वाले वेद और श्रौत-स्मार्त कर्मों में निपुण ब्राह्मण थे।

आत्मदेवब्राह्मणगोकर्ण कथा
लोक

दशमी श्राद्ध में दक्षिणा क्यों देते हैं?

श्राद्ध पूर्णता और सम्मान के लिए।

दक्षिणाब्राह्मणश्राद्ध
लोक

अष्टमी श्राद्ध में ब्राह्मण को क्या दें?

ताम्बूल, दक्षिणा और वस्त्र।

दानदक्षिणाब्राह्मण
श्राद्ध परिचय

कल्पतरु ग्रंथ में श्राद्ध को क्या कहा गया है?

कल्पतरु: 'पितरों के लाभ के लिए यज्ञिय वस्तुओं का त्याग + सुपात्र ब्राह्मणों द्वारा उसका ग्रहण = प्रधान श्राद्ध कर्म।' दोनों अंग आवश्यक — केवल त्याग अधूरा है।

कल्पतरुनिबंध ग्रंथश्राद्ध
श्राद्ध परिचय

ब्रह्म पुराण में श्राद्ध की क्या परिभाषा है?

ब्रह्म पुराण: 'उचित काल, उचित पात्र, पवित्र स्थान, शास्त्रानुमोदित विधि से, पितरों को लक्ष्य कर, श्रद्धापूर्वक श्रेष्ठ ब्राह्मणों को जो दिया जाए = श्राद्ध।' काल+पात्र+स्थान+विधि+लक्ष्य+श्रद्धा का संगम।

ब्रह्म पुराणश्राद्ध परिभाषाशास्त्र
लोक

उल्कामुख प्रेत कौन होता है?

उल्कामुख वह प्रेत है जो धर्म से च्युत ब्राह्मण को मिलता है; उसके मुख से अग्नि निकलती है और वह वमनित मल खाने को विवश होता है।

उल्कामुख प्रेतमनुस्मृतिब्राह्मण
अनुष्ठान की पात्रता और नियम

महामृत्युंजय अनुष्ठान कौन कर सकता है?

महामृत्युंजय अनुष्ठान में कोई जाति या लिंग भेद नहीं — पीड़ित, परिजन या सुयोग्य ब्राह्मण कर सकते हैं। यदि रोगी कोमा में हो तो कोई अन्य उसके नाम-गोत्र से संकल्प लेकर पुण्य उसके खाते में दे सकता है।

अनुष्ठान पात्रताजाति भेद नहींब्राह्मण
पाशुपत अस्त्र साधना

साधना की पूर्णता के लिए अंत में क्या करना चाहिए?

साधना के अंत में सिद्धि की पूर्णता के लिए ब्राह्मण या कन्या भोज कराना चाहिए।

भोजब्राह्मणकन्या भोज
जीवन एवं मृत्यु

श्राद्ध में ब्राह्मणों की भूमिका क्या है?

श्राद्ध में ब्राह्मण — पितरों के प्रतिनिधि, मंत्रोच्चार और विधि-संचालक, दान के पात्र, शुद्धि के साधक और आशीर्वाद-दाता। 'दस दिन तक एक ब्राह्मण को प्रतिदिन मिष्टान्न भोजन कराना चाहिए' — गरुड़ पुराण का आदेश।

श्राद्धब्राह्मणभूमिका
जीवन एवं मृत्यु

दान किसे देना चाहिए?

गरुड़ पुराण में दान 'सत्पात्र' को देने का विधान है — ज्ञानी, सदाचारी ब्राह्मण को, भूखे-प्यासे को, जरूरतमंद को। तीर्थ में सत्पात्र को दिया दान हजारों गुना फल देता है।

दानसुपात्रब्राह्मण
पाप एवं दंड

वाद-विवाद में ब्राह्मण को पराजित करने वाला ब्रह्मराक्षस क्यों बनता है?

गरुड़ पुराण के पाँचवें अध्याय के अनुसार अहंकार या दुर्भाव से ब्राह्मण को वाद-विवाद में पराजित करने वाला जलविहीन वन में ब्रह्मराक्षस बनता है। यह ब्रह्मतेज के अपमान का दंड है।

ब्रह्मराक्षसब्राह्मणवाद-विवाद
धर्म एवं कर्तव्य

गायों और ब्राह्मणों के लिए प्रयास न करने का क्या पछतावा होता है?

गरुड़ पुराण के अनुसार गाय और ब्राह्मण की उपेक्षा करने वाले को यमलोक में भयानक पछतावा होता है। यमदूत कोसते हैं, नरक की यातना मिलती है और अगले जन्म में दरिद्रता, अंधत्व और नीच योनियाँ प्राप्त होती हैं।

गायब्राह्मणपछतावा
नरक एवं परलोक

ब्राह्मण होकर मद्य पीने वाले को कौन सा नरक मिलता है?

गरुड़ पुराण के अनुसार मद्यपान करने वाला ब्राह्मण विशेष रूप से वैतरणी नरक में डाला जाता है। इसके अलावा 'विलेपक' नरक में उसे जलती आग में फेंका जाता है और अगले जन्म में उसके दाँत काले होते हैं तथा वह भेड़िये-कुत्ते की योनि पाता है।

ब्राह्मणमद्यपाननरक
श्राद्ध एवं पितृ कर्म

श्राद्ध में ब्राह्मण भोजन न करा सकें तो क्या करें

विकल्प: गरीबों को भोजन (सर्वोत्तम), कन्या भोज, गोसेवा, अन्नक्षेत्र, तिल-जल तर्पण (न्यूनतम), कौवा/कुत्ता/गाय भोजन। 'श्राद्ध=श्रद्धा' — भाव > आडंबर। सच्ची श्रद्धा = सर्वोच्च।

श्राद्धब्राह्मणविकल्प
श्राद्ध-पितृ कर्म

पितृपक्ष में दान देने का शास्त्रीय विधान क्या है?

पितृपक्ष दान: अन्न (सर्वश्रेष्ठ), वस्त्र, शय्या (बिस्तर), छाता, जूते, गोदान (सर्वोच्च), तिल, जलपूर्ण घड़ा। विधि: स्नान→दक्षिण मुख→संकल्प→दान+दक्षिणा। योग्य पात्र। पितृपक्ष दान = अनेकगुना फल।

पितृपक्षदानश्राद्ध
वैदिक कर्मकांड

संध्या वंदन छोड़ने का क्या पाप लगता है शास्त्रों में?

संध्या छोड़ना: मनुस्मृति — 'शूद्रवत्' (कर्तव्यच्युत)। 3 दिन छोड़ने = 'पतित।' नित्य कर्म = प्राणवत्। व्यावहारिक: न कर सकें = गायत्री 108 जप/दिन। सरल संध्या = स्नान+आचमन+गायत्री+सूर्य अर्घ्य (10-15 मिनट)।

संध्या वंदनपापनित्य कर्म

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।