विस्तृत उत्तर
ब्राह्मण भोज श्राद्ध का परंपरागत अंग। न करा सकें तो विकल्प:
विकल्प
- 1गरीबों/जरूरतमंदों को भोजन — सबसे उत्तम विकल्प। गरीब = विष्णु रूप; उनकी सेवा = सर्वोच्च।
- 2कन्या भोज — कुंवारी कन्याओं को भोजन = अत्यंत पुण्यदायक।
- 3गोसेवा/गोशाला दान — गाय को भोजन।
- 4अन्नक्षेत्र/लंगर — सामूहिक भोजन का आयोजन।
- 5तिल-जल तर्पण — यह न्यूनतम; कम से कम यह अवश्य करें।
- 6दान — धनराशि/वस्तु दान मंदिर/धर्मस्थल को।
- 7कौवा/कुत्ता/गाय — इन्हें भोजन = पितर तृप्ति।
महत्वपूर्ण: श्रद्धा > आडंबर। 'श्राद्ध' = 'श्रद्धा' से बना। सच्ची श्रद्धा से किया गया छोटा कर्म भी बड़े अनुष्ठान से अधिक फलदायी। पितर भाव देखते हैं, भोज की मात्रा नहीं।


