विस्तृत उत्तर
हाँ, कर सकती है — विशेष परिस्थिति में।
परंपरागत: पति का श्राद्ध = पुत्र/पौत्र करते हैं (प्राथमिकता)। पत्नी = पुत्र न हो तो।
गरुड़ पुराण: पत्नी को श्राद्ध अधिकार = पुरुष संबंधी न हों तो।
व्यावहारिक परिस्थिति
- ▸पुत्र है → पुत्र करे (पत्नी सहायता)।
- ▸पुत्र नहीं/अवयस्क/अनुपस्थित → पत्नी पूर्ण अधिकार से करे।
- ▸पुत्र विदेश → पत्नी कर सकती है।
तर्पण विधि: पत्नी भी तिल-जल तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मण भोज — सब कर सकती है। पुरोहित से मार्गदर्शन लें।
सार: पत्नी = श्राद्ध अधिकार (पुत्र की अनुपस्थिति में); शास्त्रीय वर्जना नहीं।





