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श्राद्ध एवं पितृ कर्म📜 धर्मसिंधु, ज्योतिष परंपरा1 मिनट पठन

सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण पर तर्पण करना चाहिए क्या

संक्षिप्त उत्तर

हाँ — ग्रहण काल में तर्पण/दान = अनेक गुना पुण्य। ग्रहण मोक्ष (समाप्ति) पर स्नान + तिल-जल तर्पण + दान = सर्वोत्तम। भोजन वर्जित, पर जप/तर्पण/दान = अत्यंत शुभ।

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विस्तृत उत्तर

हाँ — ग्रहण काल में तर्पण/दान अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है।

शास्त्रीय मान्यता

  1. 1ग्रहण काल = विशेष शक्तिशाली काल; इस समय किया दान/तर्पण = अनेक गुना फल।
  2. 2धर्मसिंधु — ग्रहण स्नान + तर्पण + दान = अत्यंत पुण्यदायक।
  3. 3ग्रहण मोक्ष (ग्रहण समाप्ति) पर स्नान + तर्पण = सर्वोत्तम।

विधि

  • ग्रहण स्पर्श (शुरू) — स्नान, मंत्र जप आरंभ।
  • ग्रहण काल — जप, ध्यान, तर्पण।
  • ग्रहण मोक्ष (समाप्ति) — पुनः स्नान + तिल-जल तर्पण + दान (वस्त्र/अन्न/तिल)।

ध्यान दें: ग्रहण भोजन वर्जित (प्रश्न 463), परंतु तर्पण/दान/जप = अत्यंत शुभ।

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शास्त्रीय स्रोत
धर्मसिंधु, ज्योतिष परंपरा
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