विस्तृत उत्तर
हाँ — ग्रहण काल में तर्पण/दान अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है।
शास्त्रीय मान्यता
- 1ग्रहण काल = विशेष शक्तिशाली काल; इस समय किया दान/तर्पण = अनेक गुना फल।
- 2धर्मसिंधु — ग्रहण स्नान + तर्पण + दान = अत्यंत पुण्यदायक।
- 3ग्रहण मोक्ष (ग्रहण समाप्ति) पर स्नान + तर्पण = सर्वोत्तम।
विधि
- ▸ग्रहण स्पर्श (शुरू) — स्नान, मंत्र जप आरंभ।
- ▸ग्रहण काल — जप, ध्यान, तर्पण।
- ▸ग्रहण मोक्ष (समाप्ति) — पुनः स्नान + तिल-जल तर्पण + दान (वस्त्र/अन्न/तिल)।
ध्यान दें: ग्रहण भोजन वर्जित (प्रश्न 463), परंतु तर्पण/दान/जप = अत्यंत शुभ।





