विस्तृत उत्तर
हरिद्वार = गंगा का मैदानी क्षेत्र प्रवेश; अस्थि विसर्जन का प्रमुख तीर्थ।
विधि
- 1हर की पैड़ी या अन्य गंगा घाट पर जाएं।
- 2पंडा/पुरोहित — हरिद्वार के स्थानीय पंडा (कुल पुजारी) से संपर्क। अनेक परिवारों के पीढ़ियों के रिकॉर्ड इनके पास।
- 3विधि:
- ▸स्नान (गंगा स्नान)।
- ▸पंडित के मार्गदर्शन में मंत्रोच्चार।
- ▸तिल-जल तर्पण।
- ▸अस्थि गंगा में विसर्जन (बहते पानी में)।
- ▸पिंडदान (यदि करना हो)।
- ▸दान — वस्त्र, अन्न, धन पंडित/गरीबों को।
- 1कुल रजिस्टर — पंडा अपनी पोथी (register) में परिवार का रिकॉर्ड दर्ज करता है।
सावधानी: विश्वसनीय पंडा चुनें। अत्यधिक दक्षिणा दबाव न स्वीकारें। सरकारी निर्धारित दरें पूछें।
आधुनिक: हरिद्वार प्रशासन ने प्लास्टिक/पॉलिथीन में अस्थि विसर्जन पर रोक लगाई है — कपड़े/प्राकृतिक सामग्री प्रयोग करें।





