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हरिद्वार प्रश्नोत्तरी — 4 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित हरिद्वार विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 4 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

भागवत कथा कहाँ करें?

सनकादि नारदजी को हरिद्वार के पास आनंद नामक गंगातट पर भागवत कथा करने को कहते हैं।

भागवत कथाहरिद्वारगंगा तट
श्राद्ध एवं पितृ कर्म

हरिद्वार में अस्थि विसर्जन कैसे करें

हर की पैड़ी/गंगा घाट → पंडा से संपर्क → गंगा स्नान → मंत्रोच्चार → तिल-जल तर्पण → अस्थि गंगा में → पिंडदान → दान। पंडा कुल रजिस्टर रखता है। विश्वसनीय पंडा चुनें; पर्यावरण अनुकूल विसर्जन।

हरिद्वारअस्थि विसर्जनगंगा
अन्त्येष्टि संस्कार

गंगा में अस्थि विसर्जन का क्या विशेष महत्व है?

गंगा अस्थि: मोक्षदायिनी (गरुड़ पुराण), विष्णु पादोदक (चरण स्पर्श), पापनाश, पुनर्जन्म मुक्ति। स्थान: हरिद्वार, प्रयागराज, काशी (शिव तारक मंत्र), गंगासागर। 3-10 दिन में। 'ॐ' सहित विसर्जन→तर्पण→पिण्डदान।

अस्थि विसर्जनगंगामोक्ष
तीर्थ स्थल

हरिद्वार हर की पौड़ी गंगा आरती का महत्व?

हर की पौड़ी = ईश्वर की सीढ़ियाँ, ब्रह्मकुंड, अमृत बूँदें गिरीं, विष्णु पदचिह्न। गंगा आरती = सूर्यास्त, बड़े दीपक, अलौकिक। सप्त पवित्र, कुंभ स्थल, स्नान = मोक्ष।

हरिद्वारहर की पौड़ीगंगा आरती

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।