ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
श्राद्ध एवं पितृ कर्म📜 धर्मसिंधु, गरुड़ पुराण1 मिनट पठन

श्राद्ध कर्म कौन कौन से दिन करने चाहिए

संक्षिप्त उत्तर

पुण्यतिथि (वार्षिक), पितृपक्ष (भाद्रपद 15 दिन), मासिक (प्रथम वर्ष), अमावस्या (हर माह), सोमवती अमावस्या, ग्रहण, मकर संक्रांति, तीर्थ पर। कुतप काल (दोपहर) सर्वोत्तम।

📖

विस्तृत उत्तर

श्राद्ध करने के विभिन्न अवसर:

नियमित श्राद्ध

  1. 1मृत्यु तिथि (पुण्यतिथि) — प्रतिवर्ष मृत्यु की हिंदू तिथि पर (प्रश्न 524)।
  2. 2पितृपक्ष — भाद्रपद कृष्ण पक्ष (15 दिन) — मृत्यु तिथि अनुसार या सर्वपितृ अमावस्या।
  3. 3मासिक — प्रथम वर्ष हर माह (प्रश्न 571)।

विशेष तिथि

  1. 1अमावस्या — प्रत्येक अमावस्या = पितृ तर्पण शुभ।
  2. 2सोमवती अमावस्या — सोमवार + अमावस्या = विशेष।
  3. 3ग्रहण — सूर्य/चंद्र ग्रहण = तर्पण अत्यंत पुण्यदायक।
  4. 4मकर संक्रांति — सूर्य उत्तरायण = पुण्यदायक।
  5. 5गया/प्रयागराज/हरिद्वार — तीर्थ यात्रा पर।

कुतप काल (दोपहर) = सर्वोत्तम समय (प्रश्न 567)।

📜
शास्त्रीय स्रोत
धर्मसिंधु, गरुड़ पुराण
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

श्राद्धदिनतिथिकब

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

श्राद्ध कर्म कौन कौन से दिन करने चाहिए — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको श्राद्ध एवं पितृ कर्म से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर धर्मसिंधु, गरुड़ पुराण पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।