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विष्णु स्तोत्र📜 शंकराचार्य रचित लक्ष्मीनृसिंह करावलम्ब स्तोत्र1 मिनट पठन

लक्ष्मी नरसिंह स्तोत्र का पाठ कब करें?

संक्षिप्त उत्तर

संकट काल (शत्रु/रोग/कोर्ट)। नरसिंह जयंती। प्रतिदिन/शनिवार। शंकराचार्य: 'करावलम्ब' = 'हाथ पकड़ो!'। अभय + शत्रु नाश + धन (लक्ष्मी + नरसिंह)।

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विस्तृत उत्तर

लक्ष्मी नरसिंह स्तोत्र (शंकराचार्य रचित 'लक्ष्मीनृसिंह करावलम्ब स्तोत्रम्'):

कब

  • संकट काल: शत्रु, रोग, कोर्ट, भय — तुरंत प्रभावी।
  • नरसिंह जयंती (वैशाख शुक्ल चतुर्दशी)।
  • प्रतिदिन: प्रातः/संध्या — नियमित।
  • शनिवार/मंगलवार: ग्रह दोष शांति।

विशेषता: 'करावलम्ब' = 'हाथ पकड़ो' — 'हे नरसिंह, मैं डूब रहा हूं, हाथ पकड़ो!' = भक्ति + आर्तनाद = अत्यंत शक्तिशाली।

लाभ: अभय (प्रथम), शत्रु नाश, रोग मुक्ति, धन (लक्ष्मी + नरसिंह = रक्षा + समृद्धि)।

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शास्त्रीय स्रोत
शंकराचार्य रचित लक्ष्मीनृसिंह करावलम्ब स्तोत्र
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