विस्तृत उत्तर
लक्ष्मी नरसिंह स्तोत्र (शंकराचार्य रचित 'लक्ष्मीनृसिंह करावलम्ब स्तोत्रम्'):
कब
- ▸संकट काल: शत्रु, रोग, कोर्ट, भय — तुरंत प्रभावी।
- ▸नरसिंह जयंती (वैशाख शुक्ल चतुर्दशी)।
- ▸प्रतिदिन: प्रातः/संध्या — नियमित।
- ▸शनिवार/मंगलवार: ग्रह दोष शांति।
विशेषता: 'करावलम्ब' = 'हाथ पकड़ो' — 'हे नरसिंह, मैं डूब रहा हूं, हाथ पकड़ो!' = भक्ति + आर्तनाद = अत्यंत शक्तिशाली।
लाभ: अभय (प्रथम), शत्रु नाश, रोग मुक्ति, धन (लक्ष्मी + नरसिंह = रक्षा + समृद्धि)।





