विस्तृत उत्तर
नारियल चढ़ाने के समय का नियम धर्म सिंधु और शाक्त परंपरा में मिलता है:
नारियल कब चढ़ाएं
1पूजा आरंभ में
कलश स्थापना के साथ नारियल। आवाहन के समय नारियल अर्पण।
2संकल्प के समय
कोई विशेष संकल्प लेते समय — नारियल अर्पण — यह संकल्प का प्रतीक।
3देवी पूजा में
शाक्त पूजा में नारियल फोड़ना — विशेष अर्पण।
4विशेष अवसरों पर
- ▸नवरात्रि आरंभ में
- ▸किसी नए कार्य के पहले
- ▸मंदिर में मनोकामना माँगते समय
5पूजा समापन में
भोग के साथ नारियल अर्पित करें।
नारियल अर्पण की विधि
- 1जटा वाला नारियल श्रेष्ठ
- 2नारियल को दोनों हाथों से देवता के सामने रखें
- 3यदि फोड़ना हो — भूमि पर या पत्थर पर
- 4नारियल का पानी देवता को अर्पित
- 5गरी — प्रसाद के रूप में
प्रतीक
नारियल अर्पण = पूर्ण समर्पण का प्रतीक।





