विस्तृत उत्तर
सर्वपितृ अमावस्या = पितृपक्ष (भाद्रपद कृष्ण पक्ष) का अंतिम दिन — सर्वाधिक महत्वपूर्ण तिथि।
विशेष महत्व
- 1सभी पितरों का श्राद्ध — इस दिन सभी पितरों (जिनकी तिथि याद हो या न हो) का श्राद्ध किया जा सकता है। 'सर्वपितृ' = सभी पितर।
- 2तिथि न ज्ञात — जिनकी मृत्यु तिथि याद नहीं; सर्वपितृ अमावस्या = उनका श्राद्ध दिवस।
- 3अकाल मृत्यु — दुर्घटना, आत्महत्या, अज्ञात मृत्यु — इनका श्राद्ध इसी दिन।
- 4महा अमावस्या — पितरों के लिए सबसे शक्तिशाली तिथि।
- 5सभी 15 दिन न कर पाएं — तो कम से कम सर्वपितृ अमावस्या अवश्य करें।
विधि: तिल-जल तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मण/गरीब भोज, दान (वस्त्र/अन्न), कौवों/कुत्तों/गायों को भोजन।
स्पष्टीकरण: यह तिथि सर्वमान्य — सभी परंपराओं, सभी क्षेत्रों में स्वीकृत।

