की चेकलिस्ट
हाँ — ग्रहण काल में तर्पण/दान = अनेक गुना पुण्य। ग्रहण मोक्ष (समाप्ति) पर स्नान + तिल-जल तर्पण + दान = सर्वोत्तम। भोजन वर्जित, पर जप/तर्पण/दान = अत्यंत शुभ।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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