विस्तृत उत्तर
मंत्र जप के तीन प्रकार हैं: वाचिक (बोलकर), उपांशु (फुसफुसाकर), और मानसिक (मन में)। इनमें मानसिक जप को सबसे उत्तम माना गया है क्योंकि यह फल की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
जप तीन प्रकार के होते हैं: वाचिक, उपांशु और मानसिक। मानसिक जप सर्वश्रेष्ठ है।
मंत्र जप के तीन प्रकार हैं: वाचिक (बोलकर), उपांशु (फुसफुसाकर), और मानसिक (मन में)। इनमें मानसिक जप को सबसे उत्तम माना गया है क्योंकि यह फल की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
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