विस्तृत उत्तर
उर्वारुकमिव (Urvarukam iva): 'उर्वारुकम्' का अर्थ है खरबूजा या ककड़ी, और 'इव' का अर्थ है 'की भांति'।
बन्धनान् (Bandhanan): इसका अर्थ है 'बंधन से' या 'डंठल की कैद से'।
इस मंत्र का केंद्रीय दर्शन 'उर्वारुकमिव बन्धनान्' रूपक में समाहित है। जब ककड़ी या खरबूजा कच्चा होता है, तो वह अपनी बेल (डंठल) से अत्यंत मजबूती से जुड़ा होता है। परंतु जब फल पूर्णतः पक जाता है, तो वह बिना किसी बाहरी बल या प्रयास के, अत्यंत सहजता से बेल से अलग हो जाता है।
ज्ञान-मीमांसा के आधार पर 'उर्वा' का अर्थ 'विशाल', 'प्राणघातक' या 'शक्तिशाली' होता है, तथा 'अरुकम्' का अर्थ 'रोग' या 'व्याधि' होता है। अतः 'उर्वारुकमिव बन्धनान्' का अर्थ है उन विशाल और प्राणघातक रोगों से जीवात्मा के बंधन को काटना।





