विस्तृत उत्तर
त्र्यम्बकम् (Tryambakam): यह शब्द 'त्रि' (तीन) और 'अम्बकम्' (नेत्र) से मिलकर बना है। इसका अर्थ है 'तीन नेत्रों वाले' अर्थात् भगवान शिव।
भगवान शिव के तीन नेत्र सूर्य (ऊर्जा), चंद्र (शांति), और अग्नि (ज्ञान) के प्रतीक हैं।
यह इस बात का भी प्रतीक है कि शिव भूत, वर्तमान और भविष्य — तीनों कालों के ज्ञाता और नियंत्रक हैं।





