विस्तृत उत्तर
सात फेरे (सप्तपदी) = अग्नि परिक्रमा + प्रत्येक फेरे = एक वचन:
- 1प्रथम: अन्न+पोषण — 'मैं भोजन का प्रबंध करूँगा/करूँगी।'
- 2द्वितीय: बल+स्वास्थ्य — 'साथ मिलकर शक्तिशाली बनेंगे।'
- 3तृतीय: धन+समृद्धि — 'धर्म से धन अर्जित करेंगे।'
- 4चतुर्थ: सुख+सम्मान — 'परस्पर सम्मान + परिवार सुख।'
- 5पंचम: संतान — 'धर्मपरायण संतान पालन।'
- 6षष्ठम: स्वास्थ्य+ऋतु — 'सुख-दुःख में साथ, ऋतु संयम।'
- 7सप्तम: मित्रता+वफादारी — 'सात कदम साथ चलें = जन्मजन्मांतर मित्र।' = सबसे महत्वपूर्ण।
⚠️ वचन = क्षेत्र/परंपरा अनुसार थोड़े भिन्न। ऊपर = सर्वमान्य सार। मूल = वैदिक सप्तपदी मंत्र (ऋग्वेद)।
सार: 7 वचन = सम्पूर्ण जीवन — भोजन से मोक्ष तक = सब।





