वैदिक संस्कारविवाह संस्कार में सप्तपदी का क्या अर्थ है?
सप्तपदी = सात कदम/फेरे। अग्नि साक्षी में वर-वधू सात परिक्रमा करते हैं। सात पद: अन्न, बल, धन, सुख, संतान, ऋतु-सहभाग, मित्रता। 'मैत्री सप्तपदीन मुच्यते।' बिना सप्तपदी विवाह अपूर्ण। ध्रुव तारा साक्षी। वैदिक विवाह का अभिन्न अंग।
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