विस्तृत उत्तर
सप्तपदी = विवाह का सबसे पवित्र अनुष्ठान — सात फेरे = सात वचन:
वर (पति) वचन
- 1प्रथम: अन्न+जीवन निर्वाह — 'मैं अन्न+धन प्रदान करूँगा।'
- 2द्वितीय: शक्ति+स्वास्थ्य — 'मैं तुम्हारी रक्षा करूँगा।'
- 3तृतीय: धन+संपत्ति — 'मैं धन अर्जित कर परिवार पालूँगा।'
- 4चतुर्थ: सुख+आनंद — 'मैं तुम्हें सुखी रखूँगा।'
- 5पंचम: संतान+गो-रक्षा — 'मैं संतान पालन+धर्म पालन करूँगा।'
- 6षष्ठम: ऋतु+धर्माचरण — 'मैं सदैव धर्म मार्ग पर चलूँगा।'
- 7सप्तम: मित्रता+विश्वास — 'मैं तुम्हारा सबसे अच्छा मित्र रहूँगा।'
वधू (पत्नी) वचन: प्रत्येक फेरे में पत्नी भी वचन देती है — गृहस्थ सेवा, पतिव्रत, संतान पालन, धर्म सहयोग।
7वाँ फेरा = विवाह पक्का: सातवें फेरे के बाद विवाह अटल — कानूनी+धार्मिक दोनों।
ध्यान दें: क्षेत्र/परंपरा अनुसार वचन भिन्न हो सकते हैं — यह सबसे प्रचलित रूप।





