विस्तृत उत्तर
प्रसव सूतक (जन्म अशौच)
शास्त्रीय: ब्राह्मण = 10 दिन, क्षत्रिय = 12, वैश्य = 15, शूद्र = 30 (मनुस्मृति/धर्मशास्त्र)। सामान्यतः 10-12 दिन प्रचलित।
सूतक में: मंदिर न जाएँ, पूजा सामग्री न छुएँ, धार्मिक अनुष्ठान न करें, रसोई दूसरा सदस्य संभाले (कुछ परंपरा)।
सूतक समाप्ति: 10/12वें दिन स्नान + गृह शुद्धि + गंगाजल छिड़काव + नामकरण संस्कार (11वाँ/12वाँ दिन)।
आधुनिक दृष्टि: सूतक = प्रसूता+शिशु विश्राम+स्वच्छता काल। संक्रमण से बचाव = वैज्ञानिक आधार। प्रसूता को 40 दिन आराम = विश्व भर में परंपरा (confinement)।
सार: 10-12 दिन (सामान्य)। मूल उद्देश्य = माँ+शिशु स्वास्थ्य।




