विस्तृत उत्तर
रत्न शुद्धि+प्राण प्रतिष्ठा अनिवार्य
- 1शुद्धि: पंचामृत (गंगाजल+दूध+शहद+तुलसी+घी) में 15-30 मिनट।
- 2स्नान: पहनने वाला सुबह स्नान, स्वच्छ वस्त्र।
- 3पूजा: ग्रह देवता तस्वीर सामने, दीपक+अगरबत्ती।
- 4मंत्र जप: संबंधित ग्रह मंत्र 108 बार:
- ▸सूर्य/माणिक: 'ॐ सूर्याय नमः'
- ▸चंद्र/मोती: 'ॐ चंद्राय नमः'
- ▸मंगल/मूंगा: 'ॐ अं अंगारकाय नमः'
- ▸बुध/पन्ना: 'ॐ बुं बुधाय नमः'
- ▸गुरु/पुखराज: 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः'
- ▸शुक्र/हीरा: 'ॐ शुं शुक्राय नमः'
- ▸शनि/नीलम: 'ॐ शं शनैश्चराय नमः'
- ▸राहु/गोमेद: 'ॐ रां राहवे नमः'
- ▸केतु/लहसुनिया: 'ॐ कें केतवे नमः'
- 1मंत्र जप बाद रत्न पहनें। निर्धारित दिन+समय अनिवार्य।





