दिव्यास्त्रकर्ण ने छल जानते हुए भी कवच-कुंडल क्यों दे दिए?कर्ण ने छल जानते हुए भी कवच-कुंडल दिए क्योंकि वह अपने दानवीर धर्म और वचन को अपने प्राणों से भी अधिक महत्व देता था।#कर्ण#दानवीर#कवच कुंडल
दिव्यास्त्रमहर्षि दधीचि ने बलिदान से पहले क्या कहा था?दधीचि ने कहा — 'यह शरीर तो एक न एक दिन नष्ट हो ही जाएगा। यदि यह किसी उपयोगी उद्देश्य की पूर्ति कर सके, तो ऐसा ही हो।' यह कहकर उन्होंने योग शक्ति से प्राण त्याग दिए।#दधीचि#बलिदान#वचन
दिव्यास्त्रयमराज सत्यवान के प्राण लौटाने को क्यों विवश हुए?यमराज ने बिना सोचे तीसरा वरदान दे दिया — सत्यवान से सौ पुत्र। पतिव्रता स्त्री बिना पति के पुत्र नहीं पा सकती, इसलिए अपने वचन से बंधकर सत्यवान के प्राण लौटाने पड़े।#यमराज#सत्यवान#प्राण
संस्कारविवाह में सात फेरों के सात वचन — विस्तार से?7 फेरे/वचन: 1.अन्न 2.रक्षा 3.धन 4.सुख 5.संतान 6.धर्म 7.मित्रता। 7वाँ=विवाह पक्का(अटल)। पति+पत्नी दोनों वचन। क्षेत्र अनुसार भिन्न।#सात फेरे#सप्तपदी#वचन