विस्तृत उत्तर
गौरी वंदना मंत्र इस प्रकार है:
हे गौरी शंकरार्धांगी। यथा त्वं शंकर प्रिया।
तथा मां कुरु कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्।।'
सरल अर्थ: 'हे गौरी! आप भगवान शंकर की अर्धांगिनी हैं। जिस प्रकार आप महादेव को अत्यंत प्रिय हैं, हे कल्याणी (सभी का कल्याण करने वाली माता)! उसी प्रकार मुझे भी मेरा मनोवांछित एवं अत्यंत दुर्लभ पति (या पत्नी) प्रदान कीजिए।'
यह मंत्र गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस के बालकाण्ड में वर्णित माता सीता के गौरी वंदना प्रसंग से लिया गया है।





