गौरी वंदना मंत्रगौरी वंदना मंत्र क्या है?गौरी वंदना मंत्र: 'हे गौरी शंकरार्धांगी। यथा त्वं शंकर प्रिया। तथा मां कुरु कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्।।' — यह रामचरितमानस के बालकाण्ड से है।#गौरी वंदना मंत्र#रामचरितमानस#विवाह मंत्र
गौरी-शंकर तत्व और साधना का आधारमहिला साधक के लिए गौरी पूजा का क्या महत्व है?माता गौरी की पूजा महिला साधक के लिए सौभाग्यदायक है — जो स्त्री इनकी पूजा करती है वह अवश्य मनोवांछित वर प्राप्त करती है।#महिला साधक#गौरी पूजा#मनोवांछित वर
व्रत के लाभलड़कियां (अविवाहित कन्याएं) सोमवार का व्रत क्यों रखती हैं?माता पार्वती ने शिव जी को पति रूप में पाने के लिए यही व्रत और तपस्या की थी। इसलिए मनचाहा और सुयोग्य जीवनसाथी पाने के लिए अविवाहित कन्याएं यह व्रत रखती हैं।#अविवाहित कन्याएं#मनोवांछित वर#माता पार्वती