विस्तृत उत्तर
भगवान राम मर्यादा और सत्य के देव हैं। उन्हें प्रसन्न करने के लिए सबसे पहले जीवन को उनकी मर्यादा के अनुरूप बनाना आवश्यक है।
सबसे सरल उपाय:
पहला — राम नाम जप — 'राम' — यह दो अक्षर का तारक मंत्र है। तुलसीदास जी ने कहा — 'राम नाम मनि दीप धरु जीह देहरी द्वार' — राम-नाम को जीभ की देहरी पर रख दो। प्रतिदिन उठते-बैठते राम नाम जपें।
दूसरा — 'श्री राम जय राम जय जय राम' — यह 13 अक्षरों का मंत्र हनुमानजी का प्रिय है और राम को भी अत्यंत प्रिय है। इसे दिन में 108 बार जपने से राम-कृपा शीघ्र मिलती है।
तीसरा — रामचरितमानस पाठ — प्रतिदिन रामचरितमानस के एक दोहे या चौपाई का पाठ करें। सुंदरकाण्ड का पाठ विशेष फलदायी है।
चौथा — सत्य-आचरण — राम-भक्ति का सबसे बड़ा उपाय है सत्य बोलना और वचन पालन करना। भगवान राम 'सत्य संकल्प' थे — जो एक बार कहा, वह पूरा किया।
पाँचवाँ — हनुमान चालीसा — चूँकि हनुमान जी राम के परम भक्त हैं, हनुमान चालीसा के पाठ से राम की कृपा शीघ्र मिलती है। हनुमान को प्रसन्न करना राम को प्रसन्न करना है।
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