ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पूजा विधि एवं कर्मकांड⏱ 2 मिनट पठन

राम जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका क्या है?

भगवान राम मर्यादा और सत्य के देव हैं।

संक्षिप्त उत्तर

राम को प्रसन्न करने के उपाय — 'राम' नाम जप, 'श्री राम जय राम जय जय राम' मंत्र 108 बार, रामचरितमानस-सुंदरकाण्ड पाठ, सत्य-आचरण और हनुमान चालीसा। तुलसीदास कहते हैं — राम सच्चे मन की भक्ति से प्रसन्न होते हैं।

📖

विस्तृत उत्तर

भगवान राम मर्यादा और सत्य के देव हैं। उन्हें प्रसन्न करने के लिए सबसे पहले जीवन को उनकी मर्यादा के अनुरूप बनाना आवश्यक है।

सबसे सरल उपाय:

पहला — राम नाम जप — 'राम' — यह दो अक्षर का तारक मंत्र है। तुलसीदास जी ने कहा — 'राम नाम मनि दीप धरु जीह देहरी द्वार' — राम-नाम को जीभ की देहरी पर रख दो। प्रतिदिन उठते-बैठते राम नाम जपें।

दूसरा — 'श्री राम जय राम जय जय राम' — यह 13 अक्षरों का मंत्र हनुमानजी का प्रिय है और राम को भी अत्यंत प्रिय है। इसे दिन में 108 बार जपने से राम-कृपा शीघ्र मिलती है।

तीसरा — रामचरितमानस पाठ — प्रतिदिन रामचरितमानस के एक दोहे या चौपाई का पाठ करें। सुंदरकाण्ड का पाठ विशेष फलदायी है।

चौथा — सत्य-आचरण — राम-भक्ति का सबसे बड़ा उपाय है सत्य बोलना और वचन पालन करना। भगवान राम 'सत्य संकल्प' थे — जो एक बार कहा, वह पूरा किया।

पाँचवाँ — हनुमान चालीसा — चूँकि हनुमान जी राम के परम भक्त हैं, हनुमान चालीसा के पाठ से राम की कृपा शीघ्र मिलती है। हनुमान को प्रसन्न करना राम को प्रसन्न करना है।

🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

राम प्रसन्नराम नाम जपरामचरितमानससत्य आचरण
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

राम जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका क्या है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पूजा विधि एवं कर्मकांड से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#राम प्रसन्न#राम नाम जप#रामचरितमानस#सत्य आचरण