विस्तृत उत्तर
रामायण का रचयिता, संरचना और विभिन्न रूपों का परिचय वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में मिलता है:
वाल्मीकि रामायण — आदिकाव्य
- ▸रचनाकार: महर्षि वाल्मीकि
- ▸भाषा: संस्कृत
- ▸श्लोक: 24,000 (चौबीस सहस्र)
- ▸कांड (भाग): 7
- ▸रचनाकाल: त्रेतायुग (पौराणिक मत); लगभग 500 ईसापूर्व (ऐतिहासिक मत)
- ▸विशेषता: 'आदिकाव्य' — संस्कृत साहित्य की प्रथम कविता
वाल्मीकि जी की कथा
वाल्मीकि जी पहले 'रत्नाकर' नाम के डाकू थे। नारद मुनि ने उन्हें 'मरा-मरा' (= राम राम) जप दिया। तपस्या से ऋषि बने। क्रौंच पक्षी के जोड़े को देखकर विरह में प्रथम श्लोक निकला — 'मा निषाद...' — यह संस्कृत का पहला छंद था।
सात कांड
| कांड | घटना |
|------|-------|
| 1. बालकांड | राम जन्म, विश्वामित्र आश्रम, सीता स्वयंवर |
| 2. अयोध्याकांड | वनवास, केकेयी का वर, दशरथ मृत्यु |
| 3. अरण्यकांड | वन में जीवन, शूर्पणखा, सीता हरण |
| 4. किष्किंधाकांड | सुग्रीव मित्रता, हनुमान मिलन, वानर सेना |
| 5. सुंदरकांड | हनुमान की लंका यात्रा, सीता को संदेश |
| 6. युद्धकांड (लंकाकांड) | राम-रावण युद्ध, रावण वध, सीता वापसी |
| 7. उत्तरकांड | राम राज्याभिषेक, सीता वनवास, लव-कुश जन्म |
प्रमुख रामायण परंपराएं
- 1वाल्मीकि रामायण (संस्कृत) — आदि और प्रामाणिक
- 2रामचरितमानस (अवधी) — गोस्वामी तुलसीदास; 16वीं शताब्दी — उत्तर भारत में सर्वाधिक प्रचलित
- 3अध्यात्म रामायण — ब्रह्मांड पुराण का भाग; आध्यात्मिक व्याख्या
- 4कंब रामायण (तमिल) — कंबन
- 5रंगनाथ रामायण (तेलुगु)
- 6एझुत्तच्छन रामायण (मलयालम)
रामायण का केंद्रीय संदेश
> 'रामो विग्रहवान् धर्मः' — राम साक्षात् धर्म का मूर्त रूप हैं।
रामायण मर्यादा, त्याग, भक्ति, सेवा और धर्म की अमर गाथा है।





