विस्तृत उत्तर
सुंदरकांड का पाठ मंगलवार को करने की परंपरा हनुमान जी के साथ इस दिन के विशेष संबंध के कारण है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित है। इस दिन विधि-विधान से हनुमान जी की उपासना करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
सुंदरकांड रामचरितमानस का पाँचवाँ काण्ड है जो पूर्णतः हनुमान जी की वीरता, बुद्धिमत्ता और समर्पण का वर्णन करता है। इसमें हनुमान जी का समुद्र लाँघना, लंका दहन और माता सीता तक राम का संदेश पहुँचाना — ये सब विजयगाथाएँ हैं। यह एकमात्र काण्ड है जिसका नाम 'सुंदर' रखा गया है।
चूँकि यह काण्ड हनुमान की सफलता और विजय का काण्ड है और मंगलवार उनका विशेष दिन है, इसलिए दोनों का संयोग अत्यंत फलदायी माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि मंगलवार के अतिरिक्त शनिवार को भी सुंदरकांड का पाठ करने से ग्रह दोष निवारण, विशेषतः शनि के अशुभ प्रभाव से मुक्ति होती है।
रामायण मंडलियों में भी यह परंपरा है कि प्रतिसप्ताह मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ किया जाए। मान्यता है कि इससे संकटों का नाश, आत्मविश्वास की वृद्धि, ग्रह दोष निवारण और मनोकामना पूर्ति होती है। 7, 11, 21 या 40 मंगलवार तक लगातार पाठ करना विशेष फलदायी बताया गया है।





