विस्तृत उत्तर
बालकाण्ड में एक चतुर सखी ने धीरज धरकर, सीताजी का हाथ पकड़कर कहा कि गिरिजाजी का ध्यान फिर कर लेना — इस समय राजकुमारको क्यों नहीं देख लेतीं?
चौपाई — 'धरि धीरजु एक आलि सयानी। सीता सन बोली गहि पानी। बहुरि गौरि कर ध्यान करेहू। भूपकिसोर देखि किन लेहू॥'
अर्थ — एक चतुर सखी धीरज धरकर, हाथ पकड़कर सीताजीसे बोली — गिरिजाजीका ध्यान फिर कर लेना, इस समय राजकुमारको क्यों नहीं देख लेतीं?
इससे पहले एक अन्य सखी ने सीताजी को रामजी के बारे में बताया था — 'तासु बचन अति सियहि सोहाने। दरस लागि लोचन अकुलाने' — उसके वचन सीताजीको अत्यन्त ही प्रिय लगे और दर्शनके लिये उनके नेत्र अकुला उठे।
इस प्रकार सखियों ने सीताजी को रामजी का परिचय दिया और दर्शन कराया।





