विस्तृत उत्तर
सीता = धैर्य, त्याग और आत्मसम्मान की मूर्ति।
शिक्षाएँ
- 1धैर्य: लंका में 11 महीने अकेली — भय नहीं, धैर्य। 'जीवन में कठिन समय = धैर्य रखो, राम आएंगे।'
- 2आत्मसम्मान: अग्निपरीक्षा दी — पर वन प्रवास = स्वीकार नहीं किया अपमान। पृथ्वी में समा गईं = अंतिम आत्मसम्मान।
- 3पतिव्रत+स्वतंत्रता: पति के साथ वनवास (प्रेम) + रावण को अकेले ठुकराया (स्वतंत्रता)।
- 4शिक्षा: सीता = विदुषी, धनुर्विद्या जानती, शास्त्रज्ञ।
- 5करुणा: लंका में भी अशोक वाटिका की राक्षसियों से करुणा।
आधुनिक: सीता = Strong + Compassionate — दोनों साथ। कठिनाई = परीक्षा, अपमान = स्वीकार नहीं।





