विस्तृत उत्तर
गार्गी+मैत्रेयी = ज्ञान और बौद्धिक स्वतंत्रता की प्रतीक।
गार्गी: ऋषि वचक्नु पुत्री। याज्ञवल्क्य से शास्त्रार्थ — जनक सभा में पुरुष विद्वानों बीच खड़ी होकर ब्रह्म विद्या पर प्रश्न। शिक्षा: ज्ञान में लिंग भेद नहीं, प्रश्न पूछो, शास्त्रार्थ करो — महिला = बौद्धिक समान।
मैत्रेयी: याज्ञवल्क्य पत्नी। पति ने संपत्ति बांटी → मैत्रेयी ने धन ठुकराया: *'येनाहं नामृता स्याम् किमहं तेन कुर्याम्'* = 'जिससे अमरत्व न मिले वह धन किस काम?' आत्मज्ञान चुना। शिक्षा: भौतिक < आध्यात्मिक। सच्चा धन = ज्ञान।
आधुनिक: शिक्षा प्राथमिकता, बौद्धिक स्वतंत्रता, धन < ज्ञान, प्रश्न पूछना = अधिकार।





