विस्तृत उत्तर
मंत्र जप में गिनती का महत्व इस बात पर निर्भर करता है कि साधना सकाम (इच्छा पूर्ति हेतु) है या निष्काम (केवल भक्ति हेतु)। शास्त्रों के अनुसार, यदि आप किसी विशेष संकट के निवारण या सिद्धि के लिए संकल्प लेकर जप कर रहे हैं, तो मंत्रों की सटीक गिनती अनिवार्य है। अनुष्ठान में तय की गई संख्या से न एक मंत्र कम होना चाहिए और न एक अधिक।
गिनती के लिए 108 दानों की माला का उपयोग सबसे प्रामाणिक है। 108 की संख्या ब्रह्मांड की पूर्णता (27 नक्षत्र × 4 चरण) को दर्शाती है। यदि आप सवा लाख मंत्रों का अनुष्ठान कर रहे हैं, तो प्रतिदिन एक निश्चित संख्या में माला जपना आवश्यक है। यदि माला न हो, तो कर-माला (उंगलियों के पोरों) पर गिनती की जा सकती है। बिना गिनती के (असंख्य) किया गया जप भगवान को अर्पित करने पर अनंत फल देता है, लेकिन सकाम अनुष्ठानों में संख्याहीन जप का फल यक्षों को प्राप्त हो जाता है।





