ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

संकट प्रश्नोत्तरी — 11 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित संकट विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 11 प्रश्न

दिव्यास्त्र

वज्र के प्रहार के बाद वायुदेव ने क्या किया?

वायुदेव ने क्रोध में संसार से वायु का प्रवाह रोक दिया जिससे सभी प्राणियों का जीवन संकट में पड़ गया।

वायुदेवहनुमानवायु रोकना
लोक

शिव जी को भस्मासुर का वरदान देकर पछतावा क्यों हुआ?

शिव जी उद्विग्न हुए क्योंकि भस्मासुर ने वरदान मिलते ही उसे शिव जी पर ही आजमाना चाहा।

शिव पछतावाभस्मासुर वरदानसंकट
लोक

ब्रह्मा ने वेदगान क्यों रोका?

वे संकट का कारण जानने के लिए वेदगान रोककर ध्यान में गए।

ब्रह्मावेदगानसंकट
समिधा

शनि की शांति के लिए कौन सी लकड़ी जलाएं?

शनि की शांति के लिए: शमी वृक्ष की समिधा। फल: घोर पापों और संकटों का शमन।

शनि शांतिशमीघोर पाप शमन
अष्टलक्ष्मी

वीरलक्ष्मी/धैर्यालक्ष्मी का क्या स्वरूप है?

वीरलक्ष्मी/धैर्यालक्ष्मी = जीवन के कठिन संघर्षों और संकटों में वीरता, धैर्य, ओज और साहस देती हैं। स्वरूप: लाल वस्त्र, आठ भुजाएं, तलवार, ढाल, धनुष, बाण, शंख और चक्र।

वीरलक्ष्मीधैर्यालक्ष्मीवीरता साहस
भैरव साधना में मंत्रों का संश्लेषण

बटुक भैरव मंत्र क्या है?

बटुक भैरव मंत्र: 'ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा' — इसमें 'ह्रीं' का दोहरा प्रयोग भैरव की शक्ति (भैरवी) को तुरंत सक्रिय करके संकट और बाधाएं दूर करने के लिए है।

बटुक भैरव मंत्रह्रीं दोहरा प्रयोगबाधा निवारण
परिचय

संकष्टी शब्द का क्या अर्थ है?

'संकट' (कष्ट/मुसीबत) और 'हर' (दूर करने वाला) शब्दों से मिलकर संकष्टी बना है। इसका मतलब है हर तरह की मुसीबतों को जड़ से खत्म करने वाला।

शाब्दिक अर्थसंकटहर
हनुमान

हनुमान चालीसा का १०८ बार पाठ करने के क्या लाभ हैं

लगातार १०८ बार पाठ करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन के जटिल संकट दूर होते हैं।

हनुमान चालीसाअनुष्ठानसिद्धि
स्तोत्र एवं पाठ

संकट मोचन हनुमान अष्टक के लाभ

तुलसीदास; 8 पद। संकट/भय/शत्रु/रोग/ग्रह दोष निवारण। हनुमान चालीसा से छोटा (~5 min)। वाराणसी संकट मोचन मंदिर। मंगलवार/शनिवार।

संकट मोचनअष्टकहनुमान
बजरंग बाण

बजरंग बाण कब पढ़ना चाहिए?

बजरंग बाण भूत-प्रेत बाधा, तंत्र-मंत्र प्रभाव, शत्रु भय और अत्यंत कठिन संकट में पढ़ें। मंगलवार-शनिवार को ब्रह्ममुहूर्त में पाठ सर्वोत्तम है। बिना संकट के नित्य पाठ की बजाय हनुमान चालीसा पढ़ें। पाठ बीच में न रोकें।

बजरंग बाणपाठ समयसंकट
कवच मार्गदर्शन

कौन सा कवच किस संकट में पढ़ें?

सामान्य=राम रक्षा। भय/प्रेत=हनुमान/नरसिंह। शत्रु=बगलामुखी/बजरंग बाण। रोग=महामृत्युंजय। शनि=वज्रपंजर। स्त्री=दुर्गा। रोज़=राम रक्षा(5 min)।

कवचसंकटसुरक्षा

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।