विस्तृत उत्तर
हनुमान मंत्र सिद्धि — कलियुग के सर्वाधिक जाग्रत देवता की साधना:
हनुमान के प्रमुख मंत्र
- 1पंचाक्षर: 'ॐ हं हनुमते नमः' — सर्वसुलभ और अत्यंत प्रभावशाली
- 2मूल मंत्र: 'ॐ नमो भगवते आञ्जनेयाय महाबलाय स्वाहा'
- 3हनुमान चालीसा: — 40 चौपाइयों का पाठ — मंत्र-जप के तुल्य
- 4राम नाम: 'श्रीराम जय राम जय जय राम' — हनुमान को सर्वाधिक प्रिय
सिद्धि की विधि (पराशर संहिता + स्कंद पुराण)
1उचित काल
- ▸मंगलवार और शनिवार — हनुमान के दिन
- ▸हनुमान जयंती (चैत्र पूर्णिमा) — वर्ष का सर्वोत्तम काल
- ▸सूर्योदय और सूर्यास्त — दोनों संध्याओं में जप
2अनुष्ठान
- ▸41 दिन का अनुष्ठान — हनुमान साधना में प्रचलित और अत्यंत प्रभावशाली
- ▸'ॐ हं हनुमते नमः' — 5 अक्षर → 5 लाख पुरश्चरण
3माला
रुद्राक्ष या मूंगा (लाल-मूंगा माला) — हनुमान साधना के लिए
4वस्त्र
नारंगी/केसरिया वस्त्र — हनुमान को केसरी रंग प्रिय।
5भोग
सिन्दूर (हनुमान को सिन्दूर प्रिय — शास्त्रोक्त), बूंदी या बेसन के लड्डू, पान।
6ध्यान-रूप
केसरी वर्ण, रामनाम-जपते, गदाधारी, अंजलि में राम-दर्शन करते हनुमान का ध्यान।
7हनुमान चालीसा
प्रतिदिन 7, 11, या 108 बार — हनुमान चालीसा का पाठ मंत्र-जप के समतुल्य। 41 दिन 100 बार — 'शत-चालीसा अनुष्ठान'।
8विशेष
स्कंद पुराण: हनुमान कलियुग के 'चिरंजीवी' देवता हैं — जाग्रत देवता। इनकी साधना में सिद्धि शीघ्र मिलती है।
सिद्धि के संकेत
जप में वायु-तरंग का अनुभव, असाधारण साहस और निर्भयता, और संकट का अप्रत्याशित हल।





