विस्तृत उत्तर
धर्मशास्त्रों के अनुसार, बुधवार का व्रत मुख्य रूप से चराचर जगत के प्रथम पूज्य देवता 'श्री गणेश' और सौरमंडल के 'बुध' (Mercury) ग्रह के लिए किया जाता है। गणेश जी को 'बुद्धिप्रिया' और बुद्धि का देवता माना गया है, जबकि बुध ग्रह बुद्धि, व्यापार, संचार और तर्क का कारक है। अतः बौद्धिक क्षमता, व्यापार में वृद्धि और जीवन से समस्त विघ्नों को दूर करने के लिए इन दोनों शक्तियों की कृपा प्राप्ति हेतु यह व्रत किया जाता है।




