विस्तृत उत्तर
सनातन ज्योतिष और मंत्र शास्त्र में 'बुध ग्रह' (Mercury) को बुद्धि, वाणी और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) का कारक माना गया है। जब मन अत्यधिक चंचल हो, तनाव हो, या विचारों में स्पष्टता न हो, तो यह बुध ग्रह की निर्बलता का संकेत है।
मानसिक उथल-पुथल को शांत करने और एकाग्रता बढ़ाने के लिए बुध देव का बीज मंत्र 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः' अत्यंत प्रभावशाली है। इसके अतिरिक्त सरल पौराणिक मंत्र 'ॐ बुं बुधाय नमः' का जप भी किया जा सकता है। बुधवार के दिन हरे वस्त्र धारण कर, पन्ना या हरे हकीक की माला से इस मंत्र का जप करने से मस्तिष्क की नसें शांत होती हैं, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और अनिद्रा व तनाव जैसे मानसिक रोगों से मुक्ति मिलती है।




