विस्तृत उत्तर
परीक्षा या विद्या सम्बन्धित कार्यों में सफलता के लिए विघ्नहर्ता गणेश, विद्या की देवी सरस्वती, बुद्धिमान हनुमान, और ज्ञान के देवता हयग्रीव (विष्णु अवतार) की उपासना प्रमुख है।
परीक्षा हेतु प्रमुख मंत्र
1सरस्वती मंत्र
'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः' (सरस्वती बीज मंत्र — 108 बार जप)
2सरस्वती वन्दना
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा माम् पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥'
3गणेश मंत्र (विघ्न निवारण)
'ॐ गं गणपतये नमः' (11 या 21 बार)
4हनुमान स्मरण (बुद्धि-बल हेतु)
बुद्धिहीनतनु जानिके सुमिरौं पवनकुमार।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं हरहु कलेश विकार॥'
5मेधा सूक्त (ऋग्वेद/यजुर्वेद) से
'ॐ मेधावी भूयासम्' (मैं मेधावान् होऊँ)
6हयग्रीव मंत्र (विशेषकर दक्षिण भारतीय परम्परा)
'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं हयग्रीवाय नमः'
7गायत्री मंत्र
'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्'
अर्थ: वह सविता देव हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करें।
उपाय
- ▸परीक्षा से पहले प्रातःकाल स्नान करके सरस्वती या गणेश मंत्र जपें।
- ▸पढ़ाई शुरू करने से पहले 'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः' 3 या 11 बार बोलें।
- ▸परीक्षा हॉल जाने से पहले गायत्री मंत्र 3 बार बोलें।
- ▸माता सरस्वती की छोटी प्रतिमा/चित्र के सामने दीपक जलाएँ।
महत्वपूर्ण: मंत्र जप आत्मविश्वास और मानसिक शान्ति देते हैं, किन्तु नियमित अध्ययन और परिश्रम भी अनिवार्य है। 'उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः' — कार्य उद्यम से सिद्ध होते हैं, मात्र इच्छा से नहीं।





