विस्तृत उत्तर
माँ मातंगी के बीज मंत्र:
ऐं , ह्रीं , श्रीं , क्लीं , हूं।
माँ मातंगी के बीज मंत्र कौन से हैं को संदर्भ सहित समझें
माँ मातंगी के बीज मंत्र कौन से हैं का सबसे सीधा सार यह है: माँ मातंगी के बीज मंत्र: ऐं, ह्रीं, श्रीं, क्लीं, हूं।
मंत्र जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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माँ मातंगी का ध्यान श्लोक क्या है?
राज मातंगी ध्यान श्लोक: 'श्यामांगीं शशिशेखरां त्रिनयनां वेदैः करैर्बिभ्रतीं...' अर्थ: श्याम वर्णा, चंद्र-मस्तक, तीन नेत्र, हाथों में वेद-पाश-खेट-अंकुश-तलवार। रत्न आभूषणों से उज्ज्वल, दयालु, सर्वार्थ सिद्ध करने वाली मातंगी का स्मरण।
कर्ण मातंगी का मंत्र क्या है?
कर्ण मातंगी मंत्र: 'ॐ नमः श्री मातंगी अमोघे सत्यवादिनि मम कर्णे अवतर अवतर सत्यं कथय कथय एहि एहि श्री मातंग्यै नमः'
सुमुखी मातंगी का मंत्र क्या है?
सुमुखी मातंगी मंत्र: 'उच्छिष्ट चांडालिनी सुमुखी देवी महापिशाचिनी ह्रीं ठः ठः ठः'
राज मातंगी का मंत्र क्या है?
राज मातंगी मंत्र: 'ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा:' हृदयंगम मातंगी साधना का मंत्र भी राज मातंगी से संबंधित।
उच्छिष्ट चांडालिनी मंत्र क्या है?
उच्छिष्ट चांडालिनी मंत्र: (1) 'ऐं नमः उच्छिष्ट चांडालि मातंगी सर्ववशंकरी स्वाहा।' (2) 'नमः उच्छिष्ट चांडालि मातंगी सर्ववशंकरी स्वाहा।' (3) 'ॐ ह्रीं ऐं श्रीं नमो भगवति उच्छिष्टचांडालि श्रीमातंगेश्वरि सर्वजन वशंकरि स्वाहा।'
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