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विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण के अनुसार, जब कोई पूर्वज प्रेत बनकर भटकता है, तो वह अपनी मुक्ति के लिए अपने वंशजों को संकेत देता है। यदि वंशज उन संकेतों को न समझें या श्राद्ध न करें, तो प्रेत उन्हें कष्ट देने लगता है। ऐसी प्रेत बाधा से मनुष्य की मति, प्रीति, रीति, लक्ष्मी और बुद्धि—इन पांचों का विनाश हो जाता है। इसका परिणाम परिवार में विवेक, प्रेम, आचार, समृद्धि और समझ के नाश के रूप में प्रकट होता है और धीरे-धीरे परिवार का पतन होने लगता है।
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