विस्तृत उत्तर
बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार का कारक है। कुण्डली में बुध अशुभ हो या दुर्बल हो तो निम्न पूजाएँ करवाएँ:
प्रमुख पूजाएँ
1बुध ग्रह शान्ति पूजा
- ▸बुध बीज मंत्र: 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः' — 9,000 या 17,000 जप।
- ▸हवन: अपामार्ग (चिरचिटा/लटजीरा), तिल, घी से आहुतियाँ।
2विष्णु पूजा/सहस्रनाम
बुध के अधिदेवता विष्णु हैं। विष्णु सहस्रनाम पाठ बुध शान्ति में सहायक।
3नवग्रह शान्ति पूजा
समग्र नवग्रह पूजा में बुध पर विशेष ध्यान।
4बुधवार व्रत
बुधवार का व्रत रखें, हरे वस्त्र पहनें, बुध मंत्र जपें।
अन्य उपाय
- ▸बुधवार को हरे मूंग, हरी सब्जी, या हरे वस्त्र दान।
- ▸मूंग दाल का दान।
- ▸छोटे बच्चों को मिठाई/भोजन खिलाएँ (बुध बालकों का कारक)।
- ▸पन्ना (Emerald) रत्न — सोने या चाँदी की अंगूठी में कनिष्ठिका (छोटी उँगली) में बुधवार को धारण (ज्योतिषी के परामर्श से)।
- ▸दुर्वा घास से गणेश पूजा (बुध-गणेश सम्बन्ध कुछ परम्पराओं में)।
बुध ग्रह की विशेषता
बुध अकेला ऐसा ग्रह है जो शुभ और अशुभ दोनों बन सकता है — जिस ग्रह के साथ बैठे, उसका स्वभाव ग्रहण करता है। अतः शान्ति पूजा कुण्डली देखकर ही निर्धारित करें।





