विस्तृत उत्तर
केतु ज्योतिष में छाया ग्रह है। इसकी दशा-अन्तर्दशा में या कुण्डली में अशुभ स्थिति होने पर केतु दोष शान्ति के लिए निम्नलिखित पूजाएँ करवाई जाती हैं:
प्रमुख पूजाएँ
1केतु ग्रह शान्ति पूजा
- ▸केतु के बीज मंत्र 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः' का 17,000 या 18,000 जप।
- ▸हवन: दूर्वा (कुश) घास, तिल, और कुशा से आहुतियाँ।
- ▸केतु का रंग: धूम्र (भूरा/स्लेटी)। इस रंग के वस्त्र/फूल पूजा में।
2गणेश पूजा
केतु के देवता गणेश माने गए हैं। गणेश अथर्वशीर्ष पाठ और गणपति हवन केतु शान्ति में सहायक।
3महामृत्युंजय जप
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...' मंत्र का जप केतु दोष शान्ति में प्रभावी।
4नवग्रह शान्ति पूजा
समग्र नवग्रह पूजा करवाएँ जिसमें केतु पर विशेष ध्यान।
5नागबलि पूजा (त्र्यम्बकेश्वर)
केतु को सर्प (नाग) से जोड़ा गया है। नागबलि पूजा केतु/राहु दोष निवारण में अत्यन्त प्रभावी मानी जाती है।
अन्य उपाय
- ▸कुत्ते की सेवा (केतु का वाहन कुत्ता)।
- ▸दूर्वा घास दान।
- ▸भूरे/स्लेटी रंग का कम्बल दान।
- ▸मत्स्य पुराण या गणेश पुराण का पाठ।
- ▸त्र्यम्बकेश्वर या रामेश्वरम् में पूजा विशेष फलदायी।
रत्न: लहसुनिया (Cat's Eye) — ज्योतिषी के परामर्श से धारण।
ध्यान दें: ग्रह शान्ति पूजा विद्वान ज्योतिषी और अनुभवी पुरोहित से कुण्डली दिखाकर ही करवाएँ।





