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केतु प्रश्नोत्तरी — 16 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित केतु विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 16 प्रश्न

रत्न शास्त्र

लहसुनिया रत्न केतु शांति में कैसे सहायक?

लहसुनिया=केतु। रोग मुक्ति, दुर्घटना रक्षा, धनलाभ। अनामिका, चांदी, शनिवार, 'ॐ कें केतवे नमः'। ~1 माह। ज्योतिषी सलाह।

लहसुनियाकेतु
ज्योतिष उपाय

केतु महादशा में क्या समस्या आती है और उपाय?

7 वर्ष। अचानक हानि/रोग/वैराग्य/दिशाहीनता। 'ॐ कें केतवे' 108, गणेश पूजा(केतु नियंत्रक), गणपति अथर्वशीर्ष, कुत्ते को रोटी, सप्तरंगी/सप्तधान्य दान, लहसुनिया(ज्योतिषी)। आध्यात्मिक साधना=सर्वोत्तम। केतु=मोक्ष द्वार।

केतुमहादशा7 वर्ष
ज्योतिष

केतु मंत्र का जप केतु दोष शांति के लिए कैसे करें?

बीज: 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः' 17,000। सरल: 'ॐ कें केतवे नमः' 108। मंगलवार/शनिवार, भूरे वस्त्र, 7 मुखी रुद्राक्ष। गणेश पूजा। केतु = मोक्षकारक भी। ज्योतिषी परामर्श।

केतुमंत्रदोष
लोक

राहु सूर्य और चंद्र को क्यों ग्रसता है?

सूर्य और चंद्र ने राहु का छल पकड़वाया था, इसलिए राहु ग्रहण के समय उन्हें ग्रसता है।

राहु ग्रहणसूर्य चंद्रकेतु
ग्रह दोष निवारण

कालसर्प दोष के लिए बटुक भैरव साधना कैसे करें?

कालसर्प दोष के लिए कालाष्टमी पर भैरव के सामने दीपक जलाकर मंत्र जपें: 'ह्रीं बं बटुकाय मम आपत्ति उद्धारणाय। कुरु कुरु बटुकाय बं ह्रीं ॐ फट स्वाहा।'

कालसर्प दोषराहुकेतु
कालसर्प दोष: परिचय और कारण

केतु का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?

केतु अतीत के कर्म-बंधन, मोक्ष की छटपटाहट और वैराग्य का प्रतीक है।

केतुआध्यात्मिक अर्थकर्म बंधन
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग

९ मुखी रुद्राक्ष किस देवता का स्वरूप है और इसका मंत्र क्या है?

९ मुखी रुद्राक्ष माँ दुर्गा का स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ ह्रीं हुं नमः' है और यह मृत्यु-भय का नाश करता है।

9 मुखीदुर्गाकेतु
योग निर्माण

क्या नल योग में राहु और केतु को गिना जाता है?

नहीं, राहु और केतु 'छाया ग्रह' हैं जिनका कोई भौतिक शरीर नहीं होता। इसलिए नल योग या किसी भी 'नाभस योग' में इन्हें नहीं गिना जाता है।

राहुकेतुछाया ग्रह
पंचांग एवं ज्योतिष

मूल नक्षत्र क्या होता है?

मूल 27 नक्षत्रों में 19वाँ। धनु 0°–13°20'। स्वामी केतु, देवता निर्रति। प्रतीक बँधी जड़ें। खनन-शोध-औषधि के लिए अनुकूल। जन्म में गहरे विचारक, परिवर्तनकारी, दार्शनिक।

मूल नक्षत्र27 नक्षत्रपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

मघा नक्षत्र क्या होता है?

मघा 27 नक्षत्रों में दशम। सिंह 0°–13°20'। स्वामी केतु, देवता पितर। प्रतीक राजसिंहासन। पितृकर्म-श्राद्ध के लिए अनुकूल। जन्म में महत्वाकांक्षी, नेतृत्व-क्षमता, राजसी व्यक्तित्व।

मघा नक्षत्र27 नक्षत्रपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

अश्विनी नक्षत्र क्या होता है?

अश्विनी 27 नक्षत्रों में प्रथम। मेष राशि 0°–13°20'। स्वामी केतु, देवता अश्विनी कुमार। प्रतीक अश्व-मुख। यात्रा-चिकित्सा के लिए शुभ, विवाह वर्जित। जन्म में तेजस्वी, साहसी, चिकित्सा-कुशल।

अश्विनी नक्षत्र27 नक्षत्रपंचांग
ज्योतिष दोष एवं उपाय

केतु दोष निवारण क्या करें

गणेश अथर्वशीर्ष, 'ॐ कें केतवे नमः', दुर्गा पूजा। लहसुनिया, 9 मुखी। कुत्ते को भोजन, पितृ तर्पण। कुत्तों से प्रेम; सत्कर्म।

केतुनिवारणउपाय
ज्योतिष दोष एवं उपाय

केतु दोष क्या है लक्षण कैसे पहचानें

केतु=वैराग्य/अचानक। लक्षण: अज्ञात समस्या, संतान कष्ट, त्वचा रोग, अत्यधिक वैराग्य, कुत्ते भय, दुर्घटना। ज्योतिषी=सटीक पहचान।

केतुदोषलक्षण
स्तोत्र एवं पाठ

केतु दोष शांति के लिए कौन सा पाठ

गणेश अथर्वशीर्ष (केतु=गणेश), 'ॐ कें केतवे नमः', दुर्गा पूजा, 9 मुखी। लहसुनिया। कुत्ते को भोजन। सार्वभौमिक: महामृत्युंजय।

केतुदोषपाठ
ज्योतिष दोष एवं उपाय

राहु केतु दोष से कैसे बचें

राहु: दुर्गा पूजा, 'ॐ रां राहवे नमः', गोमेद, 8 मुखी रुद्राक्ष। केतु: गणेश पूजा, 'ॐ कें केतवे नमः', लहसुनिया, 9 मुखी। सार्वभौमिक: महामृत्युंजय + हनुमान + शिव।

राहुकेतुदोष
ग्रह शांति

केतु दोष शांति के लिए कौन सी पूजा करवाएं

केतु शान्ति: (1) केतु बीज मंत्र जप (17,000) + हवन। (2) गणेश पूजा — केतु के देवता। (3) महामृत्युंजय जप। (4) नवग्रह शान्ति। (5) नागबलि पूजा (त्र्यम्बकेश्वर)। उपाय: कुत्ते की सेवा, दूर्वा दान। रत्न: लहसुनिया। ज्योतिषी से कुण्डली दिखाकर करवाएँ।

केतुग्रह दोषशांति पूजा

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।