विस्तृत उत्तर
यह साधना विशेष रूप से काल सर्प दोष, राहु की महादशा, अंतरर्दशा, तथा शनि की साढ़े साती या ढैय्या के अशुभ प्रभाव को कम करने में 'गागर में सागर' के समान सिद्ध होती है।
कालाष्टमी पर भैरव के सामने दीपक लगाकर विशेष ग्रह-शांति मंत्र का जाप करना चाहिए:
ह्रीं बं बटुकाय मम आपत्ति उद्धारणाय। कुरु कुरु बटुकाय बं ह्रीं ॐ फट स्वाहा।





