विस्तृत उत्तर
सर्प सूक्त ब्रह्मांड में व्याप्त सभी ज्ञात-अज्ञात सर्प-शक्तियों (पृथ्वी, आकाश, सूर्य, जल में स्थित) को शांत करता है।
यह राहु-केतु के लौकिक और अलौकिक, दोनों प्रकार के नकारात्मक प्रभावों को शांत करता है।
सर्प' दोष के निवारण हेतु यह सर्वोच्च वैदिक अस्त्र है। वैदिक-रुद्र संपुट में रुद्राभिषेक करते समय 'श्री रुद्रम्' के पाठ के उपरांत 'सर्प सूक्त' का सस्वर पाठ करते हुए शिवलिंग पर दुग्ध या जल से अभिषेक करना सबसे प्रामाणिक 'शिव-नाग संयुक्त' वैदिक प्रयोग है।





