विस्तृत उत्तर
कालसर्प दोष केवल एक ज्योतिषीय बाधा नहीं है, अपितु यह एक गहरा कार्मिक 'नाग-बंधन' है।
यह केवल ग्रहों की स्थिति मात्र नहीं है, अपितु यह एक गहन आध्यात्मिक और कार्मिक अवस्था का द्योतक है, जो बहुधा पूर्वजन्म के कर्मों अथवा पितृ-शाप से संबंधित होती है।
कालसर्प दोष, वस्तुतः, 'काल' (शिव) द्वारा 'सर्प' (नाग) के माध्यम से दिया गया एक कार्मिक दण्ड या संतुलन-चक्र है। इसका मूल प्रायः 'पितृ-दोष' या पूर्वजन्म के कर्मों से जुड़ा होता है।





