लोकशिव पुराण में अतल लोक का क्या वर्णन है?शिव पुराण के अनुसार अतल लोक के निवासियों को यह भोग-विलास उनके पूर्वजन्म की कठोर तपस्या के कारण मिला है। यहाँ श्रेष्ठ भोजन, संगीत और असीमित विलासिता है।#शिव पुराण#अतल लोक#तपस्या
कालसर्प दोष: परिचय और कारणकालसर्प दोष किन कर्मों से बनता है?कालसर्प दोष पूर्वजन्म के कर्मों, पितृ-शाप और माता-पिता या पूर्वजों के प्रति किए गए अपराधों या उनकी अतृप्त इच्छाओं से बनता है।#कालसर्प दोष कारण#पूर्वजन्म#पितृशाप
कालसर्प दोष: परिचय और कारणकालसर्प दोष का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?कालसर्प दोष का आध्यात्मिक अर्थ है — 'काल' (शिव) द्वारा 'सर्प' (नाग) के माध्यम से दिया गया एक कार्मिक दण्ड या संतुलन-चक्र, जो पूर्वजन्म के कर्मों या पितृ-शाप से जुड़ा होता है।#कालसर्प दोष#आध्यात्मिक अर्थ#कार्मिक बंधन
भक्ति एवं आध्यात्मपिछले जन्म को जानने का कोई तरीका है?योग के गहरे अभ्यास और समाधि से पूर्वजन्म की झलक मिल सकती है। जन्मजात जातिस्मर व्यक्तियों को यह स्मृति स्वाभाविक होती है। पातंजल योगसूत्र में इसका शास्त्रीय आधार है।#पूर्वजन्म#जातिस्मर#योग