📖
विस्तृत उत्तर
कालसर्प दोष एक गहन आध्यात्मिक और कार्मिक अवस्था का द्योतक है, जो बहुधा पूर्वजन्म के कर्मों अथवा पितृ-शाप से संबंधित होती है।
अनेक शास्त्रीय और ज्योतिषीय ग्रंथ कालसर्प दोष और पितृदोष को एक साथ जोड़ते हैं। पितृदोष भी माता-पिता या पूर्वजों के प्रति किए गए अपराधों या अतृप्त इच्छाओं से उत्पन्न होता है।
कालसर्प दोष अक्सर एक अंतर्निहित 'पितृदोष' (विशेषकर मातृ या पितृ शाप) का बाह्य ज्योतिषीय प्रकटीकरण होता है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





