विस्तृत उत्तर
शिव पुराण के पाताल वर्णन में अतल लोक के निवासियों के भौतिक सुखों का श्रेय उनके पूर्वजन्म के तप और पुण्यों को दिया गया है। शिव पुराण कहता है कि इन दानवों और सिद्धों ने पूर्व काल में कठोर तपस्या की थी जिसके फलस्वरूप उन्हें अतल लोक में यह अनंत भोग-विलास प्राप्त हुआ है जहाँ वे श्रेष्ठ भोजन, वाद्ययंत्रों के संगीत और अप्सराओं के संग निरंतर क्रीड़ा करते हुए जीवन का आनंद लेते हैं। शिव पुराण में अतल लोक के सरोवरों और झीलों में सुंदर और सुगंधित कमल खिले रहने का और नदियों का जल अमृत के समान मीठा होने का भी वर्णन है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





