विस्तृत उत्तर
आध्यात्मिक और योगिक शब्दावली में 'एकादशी' का अर्थ है ग्यारह (11) इंद्रियों (पांच ज्ञानेंद्रियां, पांच कर्मेंद्रियां और एक मन) पर नियंत्रण पाना। 'वरूथिनी' शब्द संस्कृत के 'वरुथिन्' से बना है, जिसका अर्थ अमरकोश और अन्य शब्दकोशों में 'कवच', 'प्रतिरक्षक' या 'सुरक्षा प्रदान करने वाला यंत्र' बताया गया है। आध्यात्मिक धरातल पर, यह एकादशी साधक के चारों ओर एक ऐसा सुरक्षात्मक आभामंडल (Aura) और अभेद्य कवच बना देती है, जो उसे भूत-प्रेत, नकारात्मक ऊर्जा, पाप-वृत्तियों, रोगों और प्रारब्ध (पिछले जन्म) के कठोर कष्टों से सुरक्षित रखती है।





