विस्तृत उत्तर
मोहिनी' शब्द संस्कृत की 'मुह' (मोह) धातु से बना है, जिसका अर्थ है सम्मोहित करने वाली या विस्मित करने वाली शक्ति। भगवान विष्णु के चौबीस अवतारों में 'मोहिनी' उनका एकमात्र स्त्री अवतार है, जो उनकी 'योगमाया' का साक्षात प्रकटीकरण है। 'मोह' का अर्थ है अज्ञानजन्य भ्रम, और यह एकादशी जीव के हृदय से इसी मोह के अंधकार को दूर कर उसे भगवान की दिव्य माया (मोहिनी) के सान्निध्य में ले जाती है, इसीलिए इसका यह नाम पड़ा।





