विस्तृत उत्तर
भृगु ऋषि के श्राप को सीधे हर अवतार की अलग सूची से बाँधना सरल नहीं है, क्योंकि पुराणों में अवतारों के कई कारण बताए गए हैं। फिर भी लोक-व्याख्या में यह श्राप विष्णु के पृथ्वी पर बार-बार जन्म लेने के निमित्तों में गिना जाता है। इसका सबसे स्पष्ट संबंध राम अवतार से जोड़ा जाता है, जहाँ भगवान राम को सीता-वियोग सहना पड़ा। कृष्ण अवतार में भी भगवान ने कारागार जन्म, संघर्ष, युद्ध और मानवीय संबंधों की जटिलताएँ स्वीकार कीं। इस प्रकार श्राप अवतारों की मानवीय पीड़ा को समझाने वाला दार्शनिक आधार बनता है।
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