विस्तृत उत्तर
काव्या माता ने देवताओं को भौतिक उपाय से नहीं, बल्कि अपनी योगशक्ति से रोका। पुराणिक वर्णन में आता है कि उन्होंने निद्रा, मोह या स्तंभन जैसी शक्ति का प्रयोग किया, जिससे देवताओं का पराक्रम निष्फल हो गया। इंद्र स्वयं जड़वत हो गए और अन्य देवता भयभीत हो उठे। यह 'सुला देना' केवल सामान्य नींद नहीं, बल्कि तपोबल से उत्पन्न दैवी नियंत्रण की अवस्था थी। काव्या माता ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि असुर उनके आश्रम में शरणागत थे। उनके लिए शरणागत की रक्षा धर्म था, चाहे सामने इंद्र और देवता ही क्यों न हों।
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